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Monday, 14 March 2016

Holi 2016: Now You Can Also Know Your Future by Yourself

होली को रंगो का त्यौहार कहा जाता है और हम सब की परिभाषा में होली बस एक रंग खेलने का त्यौहार ही  है परन्तु हमारे पूर्वजो ने ये त्यौहार सिर्फ रंग खेलने के लिए नहीं बनाया था इस त्यौहार के और भी कई मैंने है| हम सब हरिनयाकशयप और प्रह्लाद की कहानी के बारे में तो जानते ही है परन्तु ये कोई नहीं जनता की हमारे पूर्वज होलिका दहन की आग से आने वाला भविष्य का अनुमान लगते थे !
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होली हमारे हिन्दी महीनो के हिसाब से साल का आखिरी त्यौहार होता है और होली खत्म होने के साथ ही साल खत्म हो जाता है और नया साल शुरू हो जाता है ज्योतिषी साल के शुरू होते ही आने वाला साल कैसा होगा ये बताते है और पूर्व समय में हमारे ज्योतिषी होली की आग से भविस्य का अनुमान लगते थे और होली कैसे मनाये आने वाले समय को बेहतर बनाने के लिए ये बताते थे !

क्या कहती है होली की आग आपके भविष्य के बारे में?

•    होलिका पूजन के बाद होलिका की अग्नि से आने वाले साल का भविष्य भी जाना जाता है। क्योंकि हिन्दू पंचांग के अनुसार यह वर्ष का अंतिम प्रमुख त्योहार है जो आने वाले साल की सूचना भी देता है। इसलिए ज्योतिषशास्त्र में भी होलिका दहन का बड़ा महत्व है!

•    शास्त्रों में कहा गया है कि होलिका दहन के समय हवा अगर पूर्व दिशा से चले यानी पुरवाई चले तो यह बड़ा ही अच्छा शगुन होता है। पूर्व दिशा को देवताओं की दिशा कहा गया है माना जाता है कि इससे साल खुशहाली भरा रहेगा। राजा प्रजा सभी के लिए साल सुखद होगा
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•    होली पूजन के बाद होलिका दहन के समय दक्षिण दिशा की हवा चले तो यह अपशकुन माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे फसलों का नुकसान होगा। मंहगाई बढ़ती है और राज्य की सत्ता भंग होती है। जन विद्रोह होता है।

•    होलिका दहन के समय हवा उत्तर की ओर से चलने लगे तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा कुबेर की दिशा है। इसे धन की दिशा भी कहा गया है। माना जाता है कि इससे पूरे साल आर्थिक क्षेत्र में उन्नति होगी। धन और सुख बढ़ेगा।

•    अगर होलिका दहन के समय धुआं सीधा आकाश की ओर जाने लगे तो यह बदलाव का सूचक है। यह संकेत है कि जिस व्यक्ति और शासक का वर्चस्व समाज और राजनीति में है उसकी सत्ता जाने वाली है। नई सत्ता और नई सरकार आने वाली है।

•    पश्चिम दिशा से होलिका दहन के समय हवा चलने लगे तो यह भी अच्छा शगुन नहीं माना जाता है। इसकी वजह यह है कि इससे कृषि की हानि होती है। बेकार खर पतवार की वृद्धि का योग माना जाता है।

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